बहुत पुरानी बात

कोई डंडा हरा, कोई केसरिया, हर मन में घ्रणा का वास था। कुछ मारे गए, सब लूट लिया, पर कानून सभा से पास था।

दिल के दृश्य

dil ke drashya

भुखीं माँयें, हफ़्तों प्यासे छटपटाते बच्चे, सदियों पुराने रिश्ते में निशान पड़ जाता है, दिल में यह दृश्य रह जाता है।

रात

हम प्यार न इतना कर पाते, न तेरे प्रेमी बन पाते। गर कर पाते तो डर-डर के, हाँ, बन पाते तो मर-मर के। तुम मर-डर के इतनी न भाती, जो ये रात बीच मे न आती।